Mission Indradhanush Kya Hai?

Mission Indradhanush Kya Hai?




क्या आप मिशन इन्द्रधनुष के बारे में जानते है? मिशन इन्द्रधनुष क्या है? इसकी शुरुआत क्यों हुई? अगर नही तो इस पोस्ट में साथ बने रहिये और हम इस पोस्ट में Mission Indradhanush Kya Hai? और इस से जुड़े सभी जानकारियों के बारे में जानने वाले हैं।


यदि नही जानते है तो आज आप सही जगह पर आए है। पहले के जमाने के कई रोग ऐसे थे जिसके कारण छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाओं को रोग की वजह से अपनी जान गवां देते थे।

इसी परेशानी का हल निकाल ने के लिए हमारे केंद्रीय स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक मिशन लॉन्च किया।


आइए जानते है मिशन इन्द्रधनुष के बारे में जानकारी हिंदी में…

Mission Indradhanush Kya Hai?

Mission Indradhanush information
मिशन (योजना) का नाम :मिशन इन्द्रधनुष
योजना कब शुरू हुई :25 दिसंबर 2014
योजना की शुरुआत :केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा
योजना का प्रबंधन :केंद्रीय स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय
योजना क्षेत्र :स्वास्थ्य के लिए
लाभार्थी :भारत में रहने वाला हर प्राणी
विशेष :इस योजना की शुरुआत बच्चों को अनेक रोगों से बचाव के लिए टीकाकरण करवाना है। इसके साथ गर्भवती महिलाओं को भी टीकाकरण करवाना है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 25 दिसंबर 2014 को Mission Indradhanush शुरू किया गया। इस मिशन में उन बच्चों को टार्गेट किया गया है जिनका पूरी तरह से टीकाकरण नहीं हुआ है।


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने 2014 में कहा, “आज भी देश के अनेक राज्यों एंव जिलों में करोड़ों की संख्या में ऐसे बच्चे है जिनका सम्पूर्ण टीकाकरण नहीं हुआ है।


या तो उन तक सेवा नहीं पहुंची या फिर वह किसी कारणवश वंचित रह गये है। मिशन इन्द्रधनुष के तहत उन सभी बच्चो को एंव गर्भवती महिलों को टार्गेट किया जाएगा जिनका सम्पूर्ण टीकाकरण नहीं हुआ है या पूर्णत: टीकाकरण से वंचित है।


इससे पहले इंटरनेट के कुछ आंकड़ों के मुताबिक सन 2009 से 2013 के बीच के समय के दौरान सिर्फ 61% से 65% टीकाकरण बढ़ा है। इसको फिलहाल भारत की बढ़ती वस्ति से आप कंपेयर करेगे तो बहुत ही कम हुआ है।


उनका यह प्रयास आज सफलता के प्रचम पर है, आज Mission Indradhanush सम्पूर्ण भारत के सिलेक्टेड राज्यों एंव जिलों में तीन चरणों में चला है।

इस मिशन के तहत 85% टीकाकरण में बढौतरी आई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की और से इस मिशन को अब तक का स्वास्थ्य के प्रति सबसे सफल मिशन माना गया है।

मिशन इन्द्रधनुष में कौन सा टीकाकरण होता है?

मिशन इन्द्रधनुष के तहत बच्चों को 7 रोगों से बचाने के लिए टीकाकरण किया जाता है। यह सात प्रकार के रोग इस तरह है:

  • पोलियो
  • काली खांसी
  • हेपेटाइटिस बी
  • खसरा (Measles)
  • धनुस्तंभ (Tetanus)
  • यक्ष्मा (Tuberculosis)
  • डिफ्थीरिया

दोस्तो मिशन इंद्रधनुष के तहत उपर दिए गए रोगों का टीकाकरण दी जाती है।

मिशन इन्द्रधनुष में कौन से जिलों एंव राज्यों को शामिल किया गया?

वैसे तो इस मिशन की शुरुआत पुरे भारत के लिए हुई है, लेकिन एक सर्वे के अनुसार जहाँ इस मिशन एंव टीकाकरण की सबसे ज्यादा आवश्यकता थी उन्हें सबसे पहले इस मिशन का फायदा मिला है।


भारत के 28 राज्यों के 201 जिलों को सबसे पहले टार्गेट किया गया। जहां बच्चों के 50 प्रतिशत से भी कम टीकाकरण हुआ था। इसलिए मिशन इन्द्रधनुष को चार चरणों में लॉन्च किया गया था।


इसके पहले चरण के 201 जिलों में 82 जिले सिर्फ इन चार राज्यों के थे जिनमे उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश और राजस्थान शामिल है। यहाँ 25 प्रतिशत से भी कम बच्चों को सम्पूर्ण टीकाकरण हुआ था।

इस मिशन को चार चरणों में लॉन्च किया गया और चौथा चरण 2 मार्च 2020 को खत्म हुआ है। अब आने वाले समय में इस मिशन का पांचवा मिशन अगस्त या नवम्बर 2021 से शुरू हो सकता है।


मिशन इन्द्रधनुष के चार चरण इस तरह है –

Mission Indradhanush Kya Hai?


मिशन इन्द्रधनुष का पहला चरण:

इस मिशन का पहला चरण 7 अप्रेल 2015 को शुरू हुआ, इस चरण को चार भागों में बांटा और यह करीब चार महीने देश के अनेक जिलों एंव राज्यों में चलाया गया था।


इसके तहत हाईरिस्क वाले स्थानों पर सबसे पहले टीकाकरण शुरू हुआ। जिन बच्चों एंव गर्भवती महिलों को टीकाकरण नहीं हुआ था उन जगहों पर इस मिशन को सबसे पहले शुरू किया गया।


यह 7 जुलाई 2015 को खत्म हुआ था। उन राज्यों के जिलों को इसमें सबसे पहले कवर किया गया था जहाँ पर 25 प्रतिशत से भी कम बच्चों को सम्पूर्ण टीकाकरण हुआ था।

  • इस चरण में करीब 9.4 लाख कैंप लगाये गये और 75 लाख बच्चों के टीकाकरण किया गया।
  • इसमें बच्चों को 57 लाख से भी ज्यादा जिंक टेबलेट्स दी गई और 16 लाख ओआरएस के पैकेट्स दिए गये।
  • इस चरण में 20 लाख से भी ज्यादा महिलाओं को टेटनेस के टिके लगाये गया।

मिशन इन्द्रधनुष का दूसरा चरण:

इन्द्रधनुष मिशन का दूसरा चरण 7 अक्टूबर 2015 को शुरू किया गया, इस चरण में 352 जिलों को कवर किया गया। यह 7 जनवरी 2016 तक चला था।


इस मिशन के तहत 37 लाख बच्चों को कवर किया गया। हालाँकि इनमे 10 लाख से भी ज्यादा बच्चे वो थे जो पहले चरण में शामिल नहीं हो पाए या फिर उनका अधुरा टीकाकरण हुआ था।


इस चरण में इस मिशन को काफी सफलता मिली और टीकाकरण की दर काफी तेजी से बढने लगी। इस मिशन में गर्भवती महिलाओं के भी टीकाकरण हुआ।

मिशन इन्द्रधनुष का तीसरा चरण:

Mission Indradhanush का तीसरा चरण 7 अप्रेल 2016 को शुरू किया गया था। इसे भी चार भागों में बांटा गया और यह 7 जुलाई 2016 तक चला। इस चरण में पहले और दुसरे चरण में जिन बच्चों के या तो टीकाकरण हुआ नहीं था या फिर अभी अधुरा था उनका टीकाकरण हुआ।


ऐसे में 39 लाख ऐसे बच्चे थे जो पहले और दुसरे चरण में भी शामिल थे। इसके अलावा 216 जिलों को भी इसमें कवर किया गया था। मिशन के तीसरे चरण में लगभग सभी वंचित बच्चों के टीकाकरण हो गया था।


मिशन इन्द्रधनुष का चौथा चरण:

मिशन इन्द्रधनुष का चौथा चरण 2 दिसंबर 2019 से 2 मार्च 2020 तक चला, इस मिशन में सरकार की तरफ से स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर बच्चों के टीकाकरण करके आये।

इसमें भट्टों पर काम करने वाले मजदूरों के बच्चों एंव गर्भवती महिलाओं इत्यादि सभी के घर-घर जाकर स्वास्थ्यकर्मियों ने इस मिशन को सफल बनाया।

मिशन के चौथे चरण में उन सभी बच्चों को लगभग कवर कर लिया गया था जो पहले से तीसरे चरण तक वंचित रहे थे। उन सभी बच्चों को टीकाकरण सफल हुआ।

मिशन इन्द्रधनुष की सफलता

मिशन इन्द्रधनुष की सफलता आप यही से देख सकते हैं की पिछले कुछ सालों में हर साल टीकाकरण में 7 प्रतिशत बढौतरी हो रही है।

इस मिशन के तहत करीब 3 करोड़ 40 लाख बच्चों एंव 88 लाख गर्भवती महिलों के टीकाकरण सफल हुआ है।


सरकार के अनुसार भविष्य में बच्चों को अनेक रोगों से बचाने के लिए यह टीकाकरण बहुत आवश्यक है। मिशन इन्द्रधनुष की सफलता को देखते हुए उम्मीद है की एक समय भारत बच्चों में होने वाली अनेक बिमारियों को कम कर पाने में सफल होगा।


चूँकि बच्चे की मौत उन रोगों से होती जिनका ईलाज संभव होता है। सही समय पर टीकाकरण नहीं होना ही बच्चे को होने वाली अनेक बिमारियों का कारण बनता है।

Final Conclusion

दोस्तो आज के इस आर्टिकल के आपने जाना Mission Indradhanush Kya Hai? मिशन इन्द्रधनुष की शुरुआत क्यों हुई? मिशन इन्द्रधनुष कब लॉन्च हुआ? और मिशन को शुरुआत करने के पीछे का उद्देश्य क्या है?


इस आर्टिकल में मैने मिशन इन्द्रधनुष के बारे में सारी जानकारी देने की कोशिश की है। उम्मीद है की आपको यह जानकारी हेल्पफुल लगी होगी।

इस आर्टिकल को लेकर कोई सवाल है तो आप नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

Frequently Asked Questions (FAQ) –

Q.1: मिशन इन्द्रधनुष 3.0 का उद्देश्य क्या है?

Ans: Mission Indradhanush 3.0 के तहत 89 लाख से अधिक बच्चों को टीकाकरण किया जाएगा और उन्हें रोगों से प्रतिरक्षित किया जाना है। जिन बच्चों का आंशिक रूप से टीकाकरण हुआ है या जो टीकाकरण से छूट गए हैं उन सभी को टीकाकरण किया जाएगा। इस मिशन के तहत 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है।

Q.2: मिशन इंद्रधनुष में कितने टीके लगाए जाते हैं?

Ans: मिशन इंद्रधनुष के तहत सात टीके लगाए जाते है, जिसमे पोलियो, काली खांसी, हेपेटाइटिस बी, खसरा (Measles), धनुस्तंभ (Tetanus), यक्ष्मा (Tuberculosis), डिफ्थीरिया रोकने जैसे रोगों के लिए टिके लगाए जाते है।

Q.3: मिशन इंद्रधनुष कब शुरू हुआ था?

Ans: भारत सरकार ने दिसम्बर 2014 में मिशन इंद्रधनुष की शुरुआत किया था।

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