सेंसेक्स क्या है? Sensex कैलकुलेट कैसे किया जाता है?

सेंसेक्स क्या है? Sensex कैलकुलेट कैसे किया जाता है?

सेंसेक्स क्या है? क्या आप भी जानते हैं कि आखिर यह सेंसेक्स क्या है? सेंसेक्स ऊपर नीचे क्यों होता रहता है? यदि नहीं जानते और जानना चाहते हैं तो आज आप सही जगह पर आए हैं। जब भी कोई शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करना चाहता हैं तो वह सेंसेक्स को जरूर देखता है। सेंसेक्स की मदद से ही आप पता लगा सकते हैं कि मार्केट कैसा परफॉर्मेंस कर रहा है।

शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करने से पहले ज्यादातर लोग nifty50 और सेंसेक्स को एनालिसिस करते हैं। तो आज के इस आर्टिकल में जानेंगे कि सेंसेक्स क्या है? सेंसेक्स ऊपर नीचे क्यों होता रहता है? सेंसेक्स की मदद से हमें क्या जानकारी मिलती है और इसके अलावा सेंसेक्स से जुड़ी जानकारी हिंदी में जानेंगे।

सेंसेक्स क्या होता है? What Is Sensex In Hindi?

सेंसेक्स क्या है? Sensex कैलकुलेट कैसे किया जाता है?

सेंसेक्स शब्द भारतीय स्टॉक मार्केट में बीएसई के बेंचमार्क इंडेक्स को रेफर करता है यानी की बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का एक सूचकांक है। जिसमे बीएसई पर लिस्टेड 30 सबसे बड़े और सबसे एक्टिव करोबरवाले शेयर शामिल है।सेंसेक्स के इस इंडेक्स में मार्केट कैप के आधार पर देश की 13 अलग अलग सेक्टर से सबसे बड़ी टॉप 30 कंपनियों को इंडेक्स किया जाता है।

जो भारत की इकोनॉमी का एक gauge प्रदान करता है। सेंसेक्स को हर साल जून और दिसंबर में semiannually रिव्यू किया जाती है। सेंसेक्स की शुरुआत 1 जनवरी 1986 को दीपक मोहोनि द्वारा की गई थी।

यदि आप सेंसेक्स शब्द को देखेगे तो यह sensitive और index दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है। 1986 में बनाया गया, सेंसेक्स भारत का सबसे पुराना स्टॉक इंडेक्स है और इसे स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (S&P) द्वारा संचालित किया जाता है।

एनालिस्ट और इन्वेस्टर इसका उपयोग भारत की इकोनॉमी  को देखने और विशेष उद्योगों के डेवलपमेंट और गिरावट का निरीक्षण करने के लिए करते हैं। सेंसेक्स के उतार चढ़ाव से ही पता चलता है की देश की टॉप कम्पनी कैसा परफॉर्म कर रही है या उनके शेयर कैसा परफॉमेंस दे रहे है।

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तो दोस्तो अभी तक आपने आसान से शब्दों में जाना की सेंसेक्स क्या है? तो आइए अब जानते है की सेंसेक्स से हमे क्या जानकारी मिलती है?

सेंसेक्स से क्या जानकारी मिलती है?

अब कई नए लोग है जो स्टॉक मार्केट में नए है तो उनके दिमाग में एक ही सवाल आता है की आखिर ये सेंसेक्स से हमे क्या जानकारी मिलती है। तो जैसे की उपर आपको बताया कि सेंसेक्स में देश की 13 अलग अलग सेक्टर से टॉप 30 कंपनियां शामिल की जाती है।

इन टॉप 30 कम्पनी बाजार में कैसा परफॉमेंस दे रही है, उसी के आधार पर सेंसेक्स में उतार चढाव होते है। जैसे कोई कम्पनी अच्छा परफॉर्मेंस दे रही है तो उसका शेयर के भाव पड़ेंगे जैसे उसके शेयर के भाव बढ़ते हैं तो उसी की वजह से सेंसेक्स में भी तेजी आती है।

दूसरी वाली कंपनी बुरा परफॉर्मर्स देती है, तो उसके शेयर के भाव नीचे आते है तो उसके वजह से सेंसेक्स में भी गिरावट होती है। तो यदि सेंसेक्स ऊपर जाता है या सेंसेक्स में तेजी आती है तो इसका सीधा मतलब है कि सेंसेक्स में रही टॉप 30 कंपनियां अच्छा परफॉर्मेंस दे रही है।

यदि सेंसेक्स नीचे आता है या सेंसेक्स में गिरावट आती है तो इसका सीधा मतलब है कि देश की टॉप 30 कंपनियां अच्छा परफॉर्मेंस नहीं दे पा रही है।

सेंसेक्स की मदद से किसी भी इन्वेस्टर को यही जानकारी मिलती है की देश की जो 30 बड़ी कंपनी है वो कैसा परफॉमेंस दे रही है, और इसी सेंसेक्स की मदद से उन्हें मार्केट के बारे में जानकारी प्राप्त होती है।

Sensex की 30 कम्पनी का चुनाव कैसे और कौन करता है?

सेंसेक्स की टॉप 30 बड़ी कंपनी का चुनाव बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की इंडेक्स कमिटी करती है। यह इंडेक्स कमिटी देश के म्यूचुअल फंड मैनेजर, academicians, फिनांसी जर्नलिस्ट, गवर्नमेंट बोर्ड मेंबर और दूसरे फाइनेंशियल मार्केट के पार्टिसिपेंट मेंबर से बनी हुई होती है।किसी भी कम्पनी को सेंसेक्स में शामिल करने से पहले कुछ क्राइटेरिया को फॉलो किया जाता है। जिसे नीचे बताया है…

  • कम्पनी के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड होना चाहिए।
  • कम्पनी बड़े से मेगा कैप स्टॉक होना चाहिए।
  • हाई रेवेन्यू जनरेट करनेवाली कम्पनी होनी चाहिए।
  • इंडियन इक्विटी बाजार में डाइवर्सिफाइड और बैलेंस सेक्टर में भागीदारी होनी चाहिए।
  • पिछले एक साल में जितने दिन शेयर बाजार खुला होता है उस दिन में कम्पनी के स्टॉक को खरीदा और बेचा होना चाहिए।

सेंसेक्स कैलकुलेट कैसे किया जाता है?

सेंसेक्स क्या है? Sensex कैलकुलेट कैसे किया जाता है?

अब जानते है की आखिर ही सेंसेक्स कैसे कैलकुलेट किया जाता है। तो दोस्तो सेंसेक्स की कैलकुलेशन बीएसई में लिस्टेड 30 अलग अलग कम्पनी के शेयर की कीमतों को ध्यान में रखकर की जाती है।

हाल में सेंसेक्स “फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन” पद्धति का उपयोग करके कैलकुलेट किया जाता है। फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन मैथड स्टॉक मार्केट इंडेक्स को कैलकुलेट करने के लिए सबसे अच्छा तरीका है।

इससे पहले के कुछ साल में सेंसेक्स को Weighted Market Capitalization मैथड से कैलकुलेट किया जाता था। लेकिन बाद में 1 सितंबर 2003 के बाद फ्री फ्लोट मार्केट कैपिटलाइजेशन मैथड का उपयोग करके कैलकुलेट किया जाता है।

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सेंसेक्स कैलकुलेशन के लिए जिन टॉप 30 कंपनियों को लिस्टेड किया गया है, उन्हे समय समय पर बदला जाता है, ताकि सेंसेक्स को एक्यूरेट इंडेक्स बनाने के लिए मदद मिल सके।

सेंसेक्स कैलकुलेट करने के लिए फार्मूला

सेंसेक्स कैलकुलेट करने के लिए नीचे फार्मूला दी गई:

Value Of Sensex = (Total Free Float Market Capitalization/Base Market Capitalization)*Base Period Index Value

सेंसेक्स में शामिल टॉप 30 कंपनियां कौन सी है?

सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियां वही होती है जो वित्तीय रूप से काफी मजबूत और मार्केट कैप के हिसाब से भी बड़ी होती है। सेंसेक्स में लिस्टेड सभी कंपनियां की माग स्टॉक मार्केट में हमेशा बनी रहती है। जो भी कम्पनी सेंसेक्स में शामिल होती है उन कम्पनी को “ब्लूचिप” कम्पनी कहा जाता है।

ऐसे में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स में फिलहाल 30 कंपनियां शामिल है, जिसकी लिस्ट नीचे दी गई है…

  1. एशियन पेंट्स (Asian Paints)
  2. एक्सिस बैंक
  3. बजाज ऑटो
  4. बजाज फाइनेंस
  5. बजाज फिनसर्व (Bajaj Finserv)
  6. भरती एयरटेल
  7. डॉ रेड्डी लैबोरेट्रीज
  8. एचसीएल टेक्नोलॉजी
  9. एचडीएफसी
  10. एचडीएफसी बैंक
  11. हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड
  12. आईसीआईसीआई बैंक
  13. IndusInd Bank
  14. इंफोसिस
  15. आईटीसी लिमिटेड
  1. कोटक महिन्द्रा बैंक
  2. लार्सन & टूब्रो
  3. महिंद्रा & महिंद्रा
  4. मारुति सुजुकी
  5. नेस्ले इंडिया
  6. एनटीपीसी
  7. ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन
  8. पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया
  9. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड
  10. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
  11. सन फार्मा
  12. टाटा कंसल्टेंसी सर्विस
  13. टेक महिंद्रा
  14. टाइटन कम्पनी
  15. अल्ट्राटेक सीमेंट

ऊपर मैंने जितने भी कंपनी बताइ है वे सभी कम्पनी आर्टिकल लिखते वक्त बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स में शामिल है।

बीएसई सेंसेक्स में ट्रेड कैसे करे?

दोस्त सेंसेक्स के बारे में और उससे जुड़ी सारी जानकारी जानने के बाद आइए अब जानते है की बीएसई सेंसेक्स में कैसे ट्रेड करे, तो आइए जानते हैं….

स्टेप 1: बीएसई सेंसेक्स में ट्रेडिंग के लिए सबसे पहले आपको अपना ट्रेडिंग अकाउंट और डिमेट अकाउंट ओपन करवाना होगा।
स्टेप 2: ट्रेडिंग अकाउंट और डिमेट अकाउंट को ओपन करने के बाद आपको अपने बैंक खाते से अपने फंड के ट्रेडिंग अकाउंट में ट्रांसफर कर दीजिए।

तो दोस्तो उपर बताए सिर्फ दो स्टेप फॉलो करने के बाद आप आसानी से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज सेंसेक्स में ट्रेडिंग कर सकते हैं।

Final Conclusion-

दोस्तो आज के इस आर्टिकल में आपने जाना सेंसेक्स के बारे में जानकारी जैसे की सेंसेक्स क्या है? सेंसेक्स की शुरुआत कब हुई थी, सेंसेक्स से क्या जानकारी मिलती है?Sensex की 30 कम्पनी का चुनाव कैसे और कौन करता है? सेंसेक्स कैलकुलेट करने के लिए फॉर्मूला, सेंसेक्स में शामिल टॉप 30 कंपनियां कौन सी है? और जाना की बीएसई सेंसेक्स में ट्रेड कैसे करे?

मुझे उम्मीद है कि इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद अब आपको सेंसेक्स से जुड़े सारे सवालों के जवाब मिल चुके होगे। फिर भी “सेंसेक्स क्या होता है?” आर्टिकल को लेकर कोई सवाल है या कोई जानकारी शामिल करवाना चाहते हैं तो नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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